Hindi Very Short Story with Moral for class 2 – सांप और नेवले की कहानी

Hindi Very Short Story with Moral for class 2 – सांप और नेवले की कहानी

Hindi Very Short Story with Moral : Hello, today I am sharing an interesting short story in Hindi. This is a story of a snake and a mongoose. This is a Hindi Very Short Story with moral for class 2 kids. I hope you will enjoy this Hindi Short Story with moral for kids

Short Story in Hindi with Moral : सांप और नेवले की कहानी 


Hindi Very Short Story with Moral


एक बार एक व्यक्ति कहीं से अपने घर जा रहा था। ( Hindi Very Short Story with Moral ) तभी उसने रास्ते में देखा कि एक छोटा सा नेवला इधर उधर भटक रहा है। जब उसने अपनी नजर दौड़ाई तो उसने देखा कि उस नेवले की मां वहीं पर मरी पड़ी है। और उसका बच्चा छोटा नेवला अपनी मां के चारों तरफ इधर उधर भटक रहा था। उस व्यक्ति को उस छोटे से नेवले पर दया आ गई। ( Short Story in Hindi ) उसने उस नेवले को अपने साथ अपने घर ले जाने का निश्चय किया। 

वह उस छोटे से नेवले को लेकर अपने घर पहुंचा। जब उसकी पत्नी ने उसने वाले को देखा तो वह घबरा गई। उसकी पत्नी ने कहा," यह आप किस जंगली जानवर को उठा लाए हैं। ( Short Story in Hindi ) यह नेवला जंगली है। और घर में हमारे साथ हमारा छोटा बालक भी है। अगर यह जंगली जानवर हमारे बच्चे पर प्रहार करके उसे जख्मी कर देता है या मार देता है तो क्या होगा। अगरिया निकला इस घर में रहेगा तो हमेशा हमारे बच्चे के ऊपर खतरा रहेगा। " 

अपनी पत्नी की बात सुनकर उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को समझाया कि," यह मासूम सा नेवला कुछ नहीं करेगा। जब मैं रास्ते से घर आ रहा था तब मैंने देखा कि इसकी मां मर चुकी है यह अकेला इधर-उधर अपनी मां के चारों तरफ घूम रहा था। मुझे इस पर दया आ गई इसलिए मैं ऐसे ही घर ले आया। ( Hindi Very Short Story with Moral ) यह हमारे बच्चे को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। बल्कि उल्टा या उसके साथ खेलेगा और उसका ध्यान रखेगा। " 

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जैसे तैसे करके उस व्यक्ति ने अपनी पत्नी को नेवले को घर में रखने के लिए मना लिया। ( Short Story in Hindi ) कुछ ही समय में नेवले और बालक में गहरी दोस्ती हो गई। वे दोनों एक-दूसरे के साथ खेला करते थे। धीरे-धीरे समय बीतता गया और नेवला और बालक दोनों बड़े होते गए। बच्ची के मुकाबले नेवले का विकास तेजी से हो रहा था। अभी बच्चा केवल 1 साल का ही हुआ था और नेवला बड़ा हो गया था और उसकी दांत भी नुकीली हो गई थी। 

उस व्यक्ति की पत्नी को अब अपने बालक को लेकर और चिंता होने लगी। वह अपने बालों को उसने अपने के साथ कभी अकेला नहीं छोड़ती। परंतु वह व्यक्ति ने बोली को लेकर बिल्कुल निश्चिंत था कि वह उनके बालक को कोई नुकसान नहीं पहुंचाएगा। ( Short Story in Hindi

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एक दिन जब वह महिला पानी लेने नदी पर जा रही थी तो उसने अपने पति से कहा," मैं नदी पर पानी लेने जा रही हूं, आप मेरे बालक को इस नेवले के साथ अकेला मत छोड़िए गा। मेरे आने के बाद ही आप कहीं जाइएगा।" 

इतना कहकर वह महिला मटका लेकर नदी की तरफ चली गई। कुछ ही समय बाद उस बालक के पिता भी अपने काम से कहीं बाहर चले गए। अभी घर में सिर्फ वह बालक और नेवला था। तभी अचानक उनके घर में एक सांप घुस आया। वह सांप धीरे-धीरे उस बालक की तरफ बढ़ रहा था। 

तभी नेवले की नजर उस सांप पर पड़ गई। ( Hindi Very Short Story with Moral ) नेवले ने जैसे ही देखा कि वह सांप उस बालक की तरफ बढ़ रहा है उसने सांप पर हमला कर दिया। नेवले और सांप के बीच घमासान लड़ाई हुई। परंतु अंत में नेवला जीत गया। उसने अपनी नुकीली दांतों को सांप की गर्दन में घुसा दिया। और बमवह सांप उसी समय वहीं पर मर गया। 

सांप को मारते वक्त नेवले के मुंह में सांप का खून लग गया था। ( Short Story in Hindi ) नेवला उस महिला को अपनी बहादुरी दिखाने के लिए बहुत उत्सुक था। वह जाकर दरवाजे पर खड़ा हो गया ताकि जैसे ही वह महिला नदी से वापस आए तो नेवला उसे अपनी बहादुरी दिखा सके। 

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कभी कुछ समय बाद वह महिला मटका में पानी भरकर उसे अपने सर के उठाए वापस आ रही थी। तभी उस महिला ने देखा कि उस नेवले के मुंह में खून के धब्बे लगे हैं। वह महिला घबरा गई और तेजी से नेवले के पास अाई। महिला को लगा कि वह नेवला उसके बच्चे को मार दिया है। और यह खून के धब्बे उस बालक के ही हैं। महिला ने क्रोध में आकर अपने सर का पानी भरा मटका नेवले पर दे मारा। उस मटके से उसी क्षण नेवले की मृत्यु हो गई। 

महिला भागती हुई घर के भीतर आए और तब उस महिला ने जो देखा वह बिल्कुल अचंभित रह गई। ( Hindi Very Short Story with Moral ) महिला ने लिखा कि उसका बच्चा बड़े आराम से खेल रहा था और उसी के बगल में एक सांप मृत पड़ा हुआ था जिसके बदन से खून निकल रहे थे। अब महिला को सारी बातें समझ जाएं कि उसने बल्ले नहीं उसके बच्चे की जान बचाई है। परंतु अब वह क्या कर सकती थी। ( Short Story in Hindi ) उसने बिना कुछ सोचे समझे गुस्से में आकर उसने अपने को मार डाला था। उस महिला को अपने किए पे बहुत पछतावा होने लगा और वह रोने लगी। 

सीख:- 

इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमें कभी भी कोई भी फैसला बिना सोचे समझे नहीं लेना चाहिए। 

Moral of this Hindi Very Short Story with Moral:- 

This story teaches us that we should never take any decision without thinking. 

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Thank you so much for reading this Hindi very Short Story with moral. I hope you enjoyed this Short story in Hindi with moral for kids. This Hindi very Short story gives us a moral value for life. You can find many more Hindi very short story with moral, motivational story etc.

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