3 Best Motivational Story in Hindi for Success - Prernadayak Kahaniyan

3 Best Motivational Story in Hindi for Success - Prernadayak Kahaniyan


Motivational Story in Hindi for success : Hello dear visitors, today I am going to share the 3 best motivational story in Hindi for success. This best motivational story in Hindi for Students will truly motivate you and encourage you for what you are doing in your life and help you to get rid of your problems. 
  1. तुम बदलो समाज बदलेगा
  2. खुद की कीमत जानो
  3. आलस का पछतावा
So, let's begin. Hope you will enjoy these Motivational Story in Hindi for Success  

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1. तुम बदलो समाज बदलेगा

( Best Motivational Story in Hindi for Success )


Motivational Story in Hindi



कई सालों पहले की बात है। एक गांव था। पिछले दो-तीन सालों से इस गांव में बरसात बिल्कुल भी नहीं हुई थी। सारे गांव के लोग इस बात को लेकर बहुत परेशान रहते थे। ( Motivational Story in Hindi for Success) बरसात ना होने की वजह से वहां ना तो खेती बाड़ी हो पा रही थी और ना ही कुछ और। उस गांव में अधिकांश लोगों की आय का स्रोत खेती बाड़ी था। बरसात ना होने की वजह से उन सभी की उस गांव के सभी लोग दुखी रहने लगे। 

उस गांव के लोगों ने इस समस्या के समाधान के लिए अनेक प्रकार के उपाय करके देख लिए। परंतु इन उपायों का भी कोई फायदा नहीं हुआ। उस गांव में एक बड़े वो सिर्फ एक आदमी रहते थे वह बहुत तजुर्बे वाले इंसान थे। सारे गांव वालों ने कई बार उनसे भी इस समस्या का समाधान पूछा। उन्होंने भी अपनी तजुर्बे से इस समस्या के समाधान के लिए कई सारे उपाय बताएं। परंतु इनमें से भी कोई उपाय कारगर सिद्ध नहीं हुआ। एक साल और बीत गए पर बरसात की एक बूंद गांव में नहीं पड़ी। 

जब उन्हें कोई उपाय नहीं सूझा, तो अंततः वह देवताओं के शरण में गए। वे दिन रात भगवान से प्रार्थना करते रहते और बरसात का आशीर्वाद मांगते। ( Motivatioal Hindi Short Stories for Success )  भगवान को भी उन पर दया आ गई और भगवान अपना रूप बदलकर उसका में गए। भगवान उस गांव में आकर वहां के लोगों से बातचीत की और उनकी समस्या को जाना। उन्होंने गांव वालों को एक उपाय बताएं। भगवान ने गांव वालों से कहा कि,"इस गांव के बीच में एक खाली पड़ा कुआं है। आज रात आप सभी लोग एक-एक करके उस कुएं में एक लोटा दूध लेकर जाएं। और बिना कुएं के अंदर देखें अपने लोटे का दूध उसको ही में डाल दें। अगर आप लोग ऐसा करते हैं तो निश्चित ही कुछ दिनों में बरसात होगी।" इतना कहकर भगवान वहां से चले गए। 

Motivational Story in Hindi



गांव वालों ने निश्चय किया कि वह जैसे उस व्यक्ति ने कहा वैसा ही करेंगे। परंतु उस गांव के एक व्यक्ति जिसका नाम रमेश था, ने सोचा कि सभी लोग तो कुएं में दुध डालेंगे ही, मैं अगर उसमें एक लोटा पानी ही डाल दूं तो किसी को पता भी नहीं चलेगा। और रमेश ने ऐसा ही किया। रमेश उस कुएं के पास गया और उसमें दूध डालने की बजाय पानी डाला। और इसी तरह उस रात गांव के बाकी सभी लोग वह में आए और कोई के अंदर बिना देखे उसमें अपने लुटे मिलाया हुआ पदार्थ को उस कुएं में डाला। 

दूसरे दिन उस गांव के सभी लोग कुएं के पास एकत्रित हुए यह देखने के लिए कि उस कुएं में कितना दूध भरा। परंतु जब उन्होंने कुएं के अंदर झांका। वे सभी हैरान रह गए। कोई भी दूध की जगह पानी भरा हुआ था। दूध का एक भी अंश उस कुएं में नहीं था। 

सभी लोग एक दूसरे की तरफ देखने लगे और वे समझ गए कि ऐसा क्यों हुआ। दरअसल ऐसा इसलिए हुआ था क्योंकि जो खयाल रमेश के मन में आया था वही क्या पूरे गांव के लोगों की मन में आया। सारी गांव के लोगों ने उस कुएं में दूध की जगह एक लोटा पानी डाला था। ( Best Motivational Story in Hindi ) सभी यह सोचते रह गए कि बाकी लोग तो ड्यूटी डालेंगे और उस दूध में अगर मैं एक लोटा पानी डाल देता हूं तो किसी को कुछ पता भी नहीं चलेगा। वही सोच रही सारी लोग अपनी तरफ से एक लोटा पानी ही डालते रहें। 

अपनी इस भूल के वजह से गांव वालों ने फिर से बरसात का सुख खो दिया। उस गांव में कोई बात नहीं हुई। 

सीख :- 


इस कहानी से हमें यह सीख मिलती है कि हमे यह नहीं सोचना चाहिए कि हमारे एक के बदलने से क्या हो जाएगा। अगर एक व्यक्ति भी चाहे तो वो पूरे समाज में बदलाव ला सकता है। 

Moral of this Motivational Hindi story for Students:- 

This story teaches us that we should not think about what will happen to society if we change one. If a person wants, he can alone bring change in the whole society. 
 

2. खुद की कीमत जानो 

( Motivational Story in Hindi for Success )


Motivational Story in Hindi



एक रमन नाम का व्यक्ति था। वह हमेशा खुद से परेशान रहता था। ( Best Motivational Story in Hindi ) वह जब भी लोगों से अपने बारे में कुछ पूछता तो अलग अलग लोग उसके बारे अलग अलग बातें बोलते। कुछ बोलते कि वो बहुत अच्छा इंसान है। कुछ लोग उसे उसकी कमियां गिनवाने लगते। कुछ कहते कि तुम किसी काम के नहीं हो। कई लोग तो यहां तक कहते कि तुम बहुत बुरे इंसान हो। 

अलग अलग लोगों कि अलग अलग बातें सुन कर रमन खुद को ले कर और परेशान रहने लगा। उसे कुछ समझ नहीं आरहा था कि वो किसकी बात माने। जो लोग उसे अच्छा कहते है उनकी बात माने, या जो उसे बुरा कहते हैं उनको बात माने। वह इन्हीं बातों के बीच परेशान रहता। 

Motivational Story in Hindi



ऐसे ही उसके दिन बीतते गए। और वो इसी कशमकश में परा रहता कि वो किसकी बात सुने। इसी तरह उसके दिन बीतते रहे। तभी एक दिन वो एक साधु के पास पहुंचा। उसने सोचा क्यों न इस साधु से ही अपने सवाल का जवाब लिया जाए। वो यही सोच कर उस साधु के पास गया। ( Motivatioal Short Story in Hindi for Students for Success ) और उस साधु से उसने पूछा," बाबा मेरे बारे में अलग-अलग लोग अलग-अलग बातें करते है। किन्हीं को मै अच्छा लगता हूँ तो कोई मुझे बहुत बुरा बोलते हैं। मै आखिर  किसकी बात मानू कौन मेरे बारे में सही बोल रहा है और को गलत ये कैसे निश्चय करू। मै अपने आप को कैसे जानु।" 


साधु रमन की बाते सुन कर मुस्कुराए और बोला," चिंता मत करो वत्स, मेरे पास तुम्हारे इस उलझन का हल है। मै तुम्हे एक पत्थर देता हूं और टीम इस पत्थर को बाजार में ले जाना और अलग अलग दुकानदारों से इसकी कीमत पूछना। और आकर मुझे बताओ की सब ज्यादा इसकी कीमत किसने लगाई।" इतना कहकर उस साधु ने रमन को एक चमचमाता हुआ पत्थर दिया। 

रमन उस पत्थर को लेे कर बाजार कि तरफ चला गया। सब से पहले वो एक सब्जी वाले के पास गया। उसने सब्जी वाले को वो पत्थर दिया और बोंला कि मुझे इस पत्थर के बदले में कितनी सब्जी मिलेगी। सब्जी वाले ने पत्थर को अच्छे से देखा और कहा," इस बेकार से पत्थर के बदले में मै तुम्हे बस एक किलो सब्जी ही दे सकता हूं।" रमन उस सब्जी वाले से पत्थर वापस लिया और वहीं कुछ दूरी पर दूसरे सब्जी वाले के पास गया और उससे भी वहीं सवाल पूछा जो पिछले सब्जी वाले से पूछा था। ये सब्जी वाला थोड़ा पढ़ा लिखा था, उसने पत्थर को अच्छे से देखा और देख कर कहा," इस पत्थर के बदले में मै तुम्हे तीन बोरी सब्जी दे सकता हूं।" रमन ने फिर इस सब्जी वाले से पत्थर लिया और आगे बढ़ गया। 

इस बार वो एक किराने के दुकान पर पहुंचा। और दुकानदार को वो पत्थर दिखा कर वहीं सवाल पूछा। दुकानदार ने पत्थर को देखा उस लगा ये जरूर कोई दिव्य पत्थर है, उसने रमन से कहा कि इस पत्थर के बदले मै तुम्हे पांच बोरी चावल दे सकता हुं। रमन फिर दुकानदार से पत्थर वापस लिया और आगे बढ़ गया। 

इस बार वो एक छोटे ज्वेलरी की दुकान में पहुंचा। ज्वेलरी की दुकान के मालिक से रमन ने फिर से वही सवाल किया। रमन ने पूछा कि,"आप मुझे इस चमकीले पत्थर के बदले में मुझे क्या दे सकते हैं"। ज्वेलरी दुकान के मालिक ने पहले उस पत्थर को अच्छे से जांचा और जांचने के बाद उसने रमन से कहा कि मैं इस पत्थर की तुम्हें लाखों रुपए दे सकता हूं। तुम मुझे यह पत्थर दे दो मैं तुम्हें इसके बदले ₹200000 दूंगा। रमन उस दुकानदार से वह पत्थर वापस लिया और अपने रास्ते आगे बढ़ा। 

और अंततः रमन एक और ज्वेलरी की दुकान में गया। यह दुकान पिछले वाले दुकान से कई गुना बड़ी थी। इस दुकान के मालिक ने उस पत्थर की और बारीक से जांच की और वह चकित रह गया। दुकान के मालिक रमन से कहा," यह तो बेशकीमती हीरा है, मैं इसके बदले में तुम्हें करोड़ों रुपए दे सकता हूं।" 

रमन को कुछ समझ में नहीं आ रहा था। वह पत्थर लिया और वापस दौड़े-दौड़े उस साधु बाबा के पास पहुंचा। साधु के पास पहुंचकर रमन ने कहा," मैं इस पत्थर को लेकर अलग-अलग दुकानों के पास गया। अलग-अलग दुकानदारों ने इसकी कीमत अलग-अलग आग लगाई। कई तो इस पत्थर के बदले मुझे करोड़ों रुपए देने के लिए तैयार हो गए।" तब साधु ने रमन को समझाया," अलग-अलग लोगों के लिए जिस तरह इस पत्थर की कीमत अलग-अलग है वैसे ही अलग-अलग लोगों के लिए तुम्हारे प्रति नजरिया भी अलग-अलग है। तुम बिल्कुल इस पत्थर की तरह हो। तुम्हारी असली कीमत कोई नहीं जान सकता वह सिर्फ तुम हो जो अपनी असली कीमत जानते हो।"

साधु की बात सुनकर रमन चकित रह गया और उसे उसके प्रश्न का उत्तर भी मिल गया वह समझ गया कि उसके बारे में उससे ज्यादा कोई नहीं जानता। खुद की असली कीमत सिर्फ वही जानता है। ( Best Motivational Story in Hindi for students ) फिर कभी दोबारा उसने अपने बारे में किसी से कोई प्रश्न नहीं किया और आगे खुशी पूर्वक अपना जीवन व्यतीत किया। 

सीख:- 


हमें कभी खुद को कम नही आकना चाहिए. खुद के बारे में दूसरों की बातें सुन कर अपने आप को नही नही आकना चाहिए. अलग अलग लोगों के लिए हमारे बारे में अलग अलग ख्याल हो सकता है. हम हर किसी के कहानी में अच्छे इन्सान नही हो सकते. अगर हम अच्छे काम भी करे तो भी बुरे लोगों के लिए हम बुरे होंगे. इसीलिए हमें खुद की कीमत जाननी चाहिए. 

Moral of this Motivational story in Hindi:- 

We should never underestimate ourselves. One should not be caught by listening to others about themselves. Different people may have different thoughts about us. We cannot be good people in everyone's story. Even if we do good work, we will be bad for bad people. That is why we should know the value of ourselves.
 
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3. आलस का पछतावा 

( Best Motivational Story in Hindi for Students )


Motivational Story in Hindi



एक बार की बात है संबलपुर नाम का एक राज्य था। वहां एक बहुत ही चतुर और चालाक राजा राज करते थे। कई दिनों से उनके पास उनके मंत्री गण और उस राज्य के कुछ मजदूरों के बारे में शिकायतें आ रही थी। ( Best Motivationl Story in Hindi for Success) उस राज्य के निवासी, राजा के पास शिकायत लेकर आते की उनकी सारी मंत्री अपने कामों को अच्छे से नहीं कर रहे हैं। वह हर काम में आलस करते हैं। अगर कोई भी फरियाद लेे कर उन मंत्रियों के पास जाता तो मंत्री उनकी बातों को सुनकर उसे टाल दिया करते थे। ना केवल उस राज्य के मंत्री बल्कि उस राज्य में रह रहे कई सारे लोग अपने कामों को टालने लगे। 

राजा ने सभी की शिकायतें सुनी और उन्हें आश्वासन दिया कि वह जितनी जल्दी हो सके इस समस्या का समाधान निकाल लेंगे। राजा सोचने लगा कि आखिर इस समस्या का समाधान कैसे किया जाए। तभी उन्हें एक युक्ति सूझी। 

एक दिन राजा ने राज्य के सड़क के बीचोंबीच एक बड़ा सा पत्थर रखवाया। और फिर खुद सड़क के किनारे झाड़ियों में जाकर छुप गए। उस मार्ग से लोग आने जाने लगे। ( Short Motivational Story in Hindi )आते जाते लोग उस पत्थर को देखते और अलग-अलग प्रकार की बातें करते। कुछ लोग कहते यह बीच सड़क पर इतना बड़ा पत्थर किसने रख दिया। तो कुछ लोग राजा की व्यवस्था पर सवाल उठाने लगे। कई लोग इसके लिए राजा को ही दोषी ठहराने लगे। सारे लोग उस मार्ग से आते-जाते बस उस पत्थर को हटाने की बातें करते पर हटाता कोई नहीं। सभी बस उस पत्थर के बारे में बातें करके वहां से चले जाते। यह सारा कुछ राजा उस झाड़ियों के पीछे से देख रहा था। 


तभी राजा ने देखा कि एक व्यक्ति इस पत्थर की तरफ आगे बढ़ रहा है। इस व्यक्ति के हाथ में एक बड़ा सा बोझा था। वह व्यक्ति इस पत्थर के पास पहुंचा अपनी बोझे को जमीन पर रखा और पत्थर को हटाने का प्रयत्न करने लगा। थोड़ी चेष्टा करने पर वह उस पत्थर को हटाने में सफल रहा। वह उस पत्थर को सड़क के दूसरे किनारे पर लाकर छोड़ दिया। जब वह वापस अपना बोझा उठाने के लिए गया उसने देखा कि वहां एक पोटली में कुछ रखा है। जब उसने उस पोटली को खोलो तो उस पोटली में कई सारे महंगे हीरे जवाहरात थे। आदमी चकित रह गया। 

तभी वहां राजा झाड़ियों से बाहर निकल कर आए और उस व्यक्ति को शाबाशी देने लगे। और उन्होंने कहा किया हीरे जवाहरात तुम्हारे हुए। राजा ने कहा यह बड़ा पत्थर मैं नहीं सड़क के बीच में रखा था। मैं देखना चाहता था कि कौन से हटाता है या सभी लोग बस इसके बारे में बातें करके ही चले जाते हैं। जो भी इसे हटता यह हीरे जवाहरात उसके होते हैं। राजा उस व्यक्ति को अपने साथ महल ले गए और अपने सभी मंत्री गणों की बैठक करवाई। 

राजा ने सभी मंत्रियों के बीच उस व्यक्ति को शाबाशी देते हुए कहा कि,"वह विशाल पत्थर जो आप सभी के मार्ग में था उसे मैंने ही वहां रखवाया था। मैं देखना चाहता था कौन उसे वहां से हटाता है। बड़ी शर्म की बात है कि आप सभी लोग उसी मार्ग से है परंतु आप में से किसी ने भी उस पत्थर को हटाने को प्रयत्न नहीं किया। बस उसके बारे में बातें करते रहे और दूसरी तरफ से निकल गए। परंतु इस व्यक्ति ने अपने काम को छोड़कर इस पत्थर को हटाने की प्रयत्न किया और सफल रहा। और इसके परिणाम स्वरूप इसे हीरे जवाहरात से भरी पोटली भी मिली जो मैंने पत्थर के नीचे रखा था।" सभी मंत्री गण राजा की बात सुनकर पछताने लगे। 

फिर राजा ने आगे समझाया,"यह सब कुछ मैंने आप लोगों को एक सीख देने के लिए की है आज आप लोगों ने अपनी आलस की वजह से बेशकीमती हीरे जवाहरात जीतने का मौका गवा दिया। इसी आलस की वजह से आप में से कई मंत्री गण और हमारे राज्य के कई लोग अपनी-अपनी कामों को सही तरीके से नहीं कर रहे हैं। जिसके परिणाम स्वरूप हमारे राज्य के बाकी लोगों को बहुत सारी तकलीफें उठानी पड़ रही है। और साथ ही में हमारे राज्य की विकास भी अटकी पड़ी है। ( Best Motivational Story in Hindi for Success) अगर आप सभी लोग अपने आलस को छोड़कर अपना काम अच्छी तरीके से करें तो हमारा राज्य अवश्य ही विकसित होगा और लोगों को भी परेशानियां नहीं होगी।" 

Motivational Story in Hindi



राजा की बातें सुनकर मंत्री गणों को अपनी गलतियों का पछतावा हुआ और उन्होंने अपने आलस को छोड़ने की शपथ ली। 

सीख:- 


हमें कभी अपने जीवन में अपने कर्तव्यों के प्रति आलस नहीं करना चाहिए। कई बार आलस की वजह से हम अपने हाथों में आए मौकों को भी गवा देते हैं, और बाद में हमारे पास पछताने के अलावा और कोई रास्ता नहीं बचता। 

Moral of this Motivational Hindi story:-

We should never be lazy towards our duties in our lives. Sometimes due to laziness, we also lose the opportunities in our hands, and later we have no other way but to regret it.


Thank you so much for reading this best short motivational story in Hindi for success with moral. I hope you liked these inspirational stories in Hindi for students. If you want to read more inspirational stories you can also read on famous Hindi blog Achhikhabar.com. If you like these motivational story Hindi please comment below and let me know which part of the story you liked most and also share with your friends. Please click here to read more best motivational story in Hindi for success in your life.
  

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