Short Story in Hindi - मटके की कहानी - Tute Matke ki Kahani

Short Story in Hindi - मटके की कहानी - Tute Matke ki Kahani

Short Story in Hindi :-  Everyone loves  Hindi stories. We get to learn many moral values from this type of short moral stories in Hindi. Today I am here sharing a Short story in Hindi, titled as "Tute Matke Ki Khanai". I hope you will like this short Hindi story :-)


Short Story in Hindi - मटके की कहानी - Matke ki Kahani


Short Story in Hindi



एक गांव में महेंद्र नाम का आदमी रहता था। ( Short Story in Hindi ) वह प्रतिदिन प्रातः नदी के पास पानी लाने के लिए जाया करता था। उसके पास दो मटके थे। वो उन दोनों मटकों में ही प्रतिदिन पानी लाया करता था। ( Short Story with Moral in Hindi ) वह एक मटके को बांस के एक डंडे के एक छोर पर बांधता और दूसरे मटके को दूसरे छोर पर। और बांस को कंधे पर उठा कर वह पानी लाने जाया करता था।


उन दो मटकों में से एक मटके में एक छेद था और दूसरा मटका बिल्कुल ठीक था। ( Short Story in Hindi ) छेद वाले मटके से पानी बह जाता करता था। महेंद्र जितना पानी उस छेद वाले मटके में भरता उसका सिर्फ आधा पानी ही उसके साथ उसके घर तक आपाता था। बाकी का आधा रास्ते में ही गिर जाता था। ( in Hindi Short Story )


यह सिलसिला प्रतिदिन चलता था। उस टूटे हुए घरे को अपने आप में बिल्कुल अच्छा नहीं लगता था कि महेंद्र उसमे जितना पानी भरता उसके आधा तो वो गिरा ही देता है। ( Hindi Short Story for kids ) वह अपने आप को किसी काम का नहीं समझता था।

( Short Story in Hindi )


एक दिन जब महेंद्र नदी से पानी भर कर घर को का रहा था तब दूसरे मटके ने भी छेद वाले मटके का मजाक उरा दिया। दूसरे मटके ने कहा," तुम किसी काम के नहीं हो। (  Short Story in Hindi for class 1 ) महेंद्र कितनी मेहनत से तुममें पानी भरता और टीम आधे पानी को ऐसे ही रास्ते में गिरा देते हो। महेंद्र कि सरी मेहनत बेकार हो जाती है।"


दूसरे मटके कि ये बातें सुन कर छेद वाला मटका और दुखी हो गया। इस बार उसने महेंद्र से पूछ ही लिया। छेद वाले मटके ने महेंद्र से पूछा,"महेंद्र में किसी काम का नहीं हूं, मै तुम्हारे मेहनत से भरे हुए पानी को पूरी तरह से तुम्हारे घर नहीं लापता। आधे पानी को तो रास्ते में ही गिरा देता हूं। तुम मुझे बदल दो, मुझे हटा कर कोई नया मटका खरीद लो।"


मटके कि बातें सुन कर महेंद्र ने उसे जवाब दिया," ऐसी बात बिल्कुल नहीं है। मैंने जान कर तुम्हे नहीं बदला है। तुम अपने आप को इतना तुच्छ मत समझो। जिस तरफ तुम्हारे मटके का पानी गिरता है उस तरफ जरा ध्यान से देखो। ( Hindi very Short Story ) तुम्हारे तरफ कितनी हरियाली है। कितने सारे फूल खिले हुए है। मै जान कर तुम्हे इस तरफ रखता हूं। ताकि तुम्हारे में से निकलता हुआ पानी इन पौधों पर परे। और दूसरे मटके की तरफ देखो, उस तरफ कोई हरियाली नहीं है। आज तुम्हारे ही वजह ये पौधे हरे भरे है एवं फूलों से भरे हुए है। और तुम्हारे पानी से सींचे हुए ये फूल भगवान कि पूजा में प्रयोग होते है। देखो तुम्हारा कितना महत्व है। तुम अपने आप को तुच्छ मत समझो। "

Short Story in Hindi



महेंद्र कि ये बातें सुन कर छेद वाला मटका थोड़ा खुश हुआ और उसे अपने महत्व का पता चला। महेंद्र कि ये बातें सुन कर दूसरे मटके ने भी टूटे मटके से माफी मांगी। ( Short Story in Hindi with morals ) उस भी अपनी गलती का एहसास हो गया कि वो कितना गलत था छेद वाले मटके के बारे में। और फिर दोबारा कभी उसने उस मटके का मजाक नहीं हराया।


सीख - Moral of the Story:-


इस कहानी से हमे ये सीख मिलती है कि हमे कभी भी किसी को तुच्छ नहीं समझना चाहिए। इस दुनिया में उपस्थित हर एक वस्तु हर एक इंसान की कुछ ना कुछ महत्व है। जैसे कि उदहारण के लिए सफाई वाले को ही ले लेते हैं। इनका भी हमारे समाज में बहुत महत्व है। जरा सोचिए कि अगर ये ना होते तो हमारा समाज कितना गंदा होता। हमरे आस पास का वातावरण कितना गंदा होता। इन्हीं के वजह से हमे शुद्घ वातावरण मिलता हैं। ये भी हमारे लिए उतने ही महत्वूर्ण है जैसे कि कोई और व्यक्ति। इसीलिए हमे कभी किसी को हिन भावना से नहीं देखना चाहिए। सभी का अपना अपना महत्व है।


Moral of this Hindi Short Story:- 


We learn from this story that we should never despise anyone. Everything in this world is of some importance to every human being. For example, let's think about the cleanser. They also have great importance in our society. Just imagine how dirty our society would have been if it had not been so. How dirty the environment around us would be. Due to these we get pure environment. These people are also as important to us as any other person. That is why we should never look at anyone with inferiority complex. Everyone has their own importance

Thank you so much for reading this short story in Hindi. I hope you enjoyed this moral story for children in Hindi and also learn a lesson from this short story in Hindi. Click below to read more:-

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