Short Story in Hindi for kids - एक ग्लास दूध का फल - A Glass of Milk

Short Story in Hindi For Kids: Here I am presenting a story in simple Hindi language. This short story in Hindi for kids has a moral lesson which you will like for sure. This short story is very valuable for kids and teaches them very important life lessons.

Short Story in Hindi for kids - एक ग्लास दूध का फल - Ek Glass Dudh Ka Fall

Short Story in Hindi for Kids

एक गांव में एक विनीत नाम का एक लड़का रहता था। वह बहुत ही गरीब बालक था। उसके पास खाने को भी पैसे नही हुआ करते थे। गरीब होने के बाद भी वो बहुत ही ईमानदार और मूल्यों वाला लड़का था। ( Short Story in Hindi for Kids ) वो अपना पेट भरने के लिए वो नौकरी भी किया करता था।

प्रातः वो विद्यालय जाता, वहां मन्न लगा कर पढ़ाई करता और विद्यायल मे छुट्टी होने के बाद अपनी भूख मिटाने के लिए कुछ काम भी करता था। जहां से उसे कुछ पैसे मिलते थे और वो उन पैसों से अपना पालन करता था।

एक दिन जब वो विद्यायल से काम पर गया तो उस दिन उस कोई भी काम नहीं मिला। फिर थका हारा हुआ वो अपने घर आया। उसे जोर कि भूख भी लगी हुई थी। चुकी आज उसे कोई काम ही नहीं मिला इसीलिए उसके पास पैसे भी नहीं थे जिससे वो कुछ खा पाता, और नाही घर पर उस कुछ खाने को मिला। ( Short Story in Hindi ) फिर उसने सोचा कि भूख मिटाने के लिए पानी ही पी लेता हूं। परंतु जब वह पानी पीने गया तो घड़े में पानी भी खतम हो चुका था। और अभी उसमे इतनी ताकत भी नहीं बची थी कि वो नदी से जा कर पानी ला सके।

‌तो वो अपनी प्यास और भूख मिटाने बगल के ही एक घर में गया और दरवाजे पर दस्तक दी। अंदर से एक लड़की बाहर आई। विनीत उनसे बारे विनम्र भाव से एक ग्लास पानी मांगा। उस लड़की को विनीत की हालत देख कर उसपर दया आगई। वह अंदर गई और पानी के जगह वह विनीत के लिए एक ग्लास दूध ले आई।

विनीत दूध देख कर  चौक गया और उसने कहा कि मेरे पास इस दूध के लिए पैसे नहीं हैं, इसीलिए आप कृपा करके मुझे एक ग्लास पानी दे। ( Short Story in Hindi with moral ) उस लड़की ने विनीत से कहा कि वो दूध पी ले, बदले में उसे कोई पैसे नहीं चाहिए। लड़की की बात सुन कर विनीत बहुत खुश हुआ और दूध पी कर उसने उस लड़की को धन्यवाद कहा और वो अपने घर वापस आगया।

Short Story in Hindi for Kids


समय बीतता गया, देखते ही देखते कई साल बीत गए। वो लड़की अब वयस्क महिला हो चुकी थी। एक दिन उस महिला की तबियत बहुत ज्यादा बिगड़ गई। और उस तुरंत है अस्पताल में ले जाना पड़ा। अस्पताल में डॉक्टर ने कहा कि इन्हें देखभाल की सख्त जरूरत है। तो इस पर महिला ने कहा,"परन्तु मेरा ध्यान रखने के लिए तो कोई भी नहीं है। मै अकेली हूं।" तो डाक्टर ने कहा,"आप चिंता न करें। मैं आपका ध्यान रखूंगा। मै हमेशा अापके साथ रहूंगा।"  h

फिर डाक्टर ने दिन रात उस महिला की सेवा की। वो हमेशा उस महिला के साथ रहता। धीरे धीरे महिला स्वस्थ हो गई। और अब उसके अस्पताल से जाने का समय आया। ( Short Story in Hindi for kids ) अब महिला को चिंता होने लगी कि वो इतने दिनों तक अस्पताल में रही। अस्पतालों में उसका किराया भी बहुत ज्यादा हो गया होगा। वो इतने सारे पैसे कहा से लाएगी। तभी वह एक नर्स आई और उसने उस महिला से कहा," आप किराए के बारे में बिल्कुल चिंता ना करे। आपके किराए का भुगतान किया जा चुका है। अब आपको कोई पैसे देने की जरूरत नहीं है।"

Short Story in Hindi for Kids


नर्स की ये बातें सुन्न कर महिला बिल्कुल चौक सी गई। उस कुछ समझ नहीं आरहा था कि उसके बदले किसने भुगतान किया। तो फिर उस नर्स ने महिला को सब कुछ समझाया। नर्स ने कहा,"आपको याद है आपने कई साल पहले एक विनीत नाम के लड़के की मदद की थी। ( Short Story in Hindi for Kids ) उस एक ग्लास दूध पिलाया था। ये डाक्टर जो आपकी इतने दिनों से सेवा कर रहे है ये कोई और नहीं बल्कि वहीं विनीत है। उस दिन आपने इनकी मदद की थी और आज विनीत ने आपकी कि।"

नर्स की ये बातें सुन्न कर वो महिला बिल्कुल स्तब्ध रह गई। और मन ही मन बहुत प्रसन्न हुईं।

सीख :-

हमे हमेशा दूसरों की मदद करनी चाहिए। कोई नही जनता हमारी एक बार की हुई मदद वापस हमतक कब और किस रूप में पहुँच जाये। हमे केवल अपने कर्म पर ध्यान देना चाहिए उसके फल पर नही। हमे अच्छे कर्म करने चाहिए। आचे कर्मों का फल भी अच्छा ही होता है।

Moral of the Story:-

We should always help others. No one knows when and in what form we get our help once. We should focus only on our karma and not on its results. We should do good deeds the results of our good deeds are also good.
 

Thank you so much for reading this short story in Hindi for kids. I hope you enjoyed this short story with moral and also learn a lesson from this short story in Hindi for kids. Click below to read more:-

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