Moral story for childrens in Hindi - ख़ुशी के पीछे मत भागो !

Moral story for childrens in Hindi - ख़ुशी के पीछे मत भागो !

Moral story for children in Hindi:- Stories are the best teacher of kids. They learn many moral values from this type of moral stories for children in Hindi. Today I am here sharing a Moral story in Hindi for kids titled as "Khushi ke Piche mat Bhago". I hope you will like this Hindi short story with moral for children. 😊


ख़ुशी के पीछे मत भागो - Khushi ke Piche mat Bhago - Moral story for childrens in Hindi


Moral story for childrens in Hindi



एक गाँव में एक बूढ़ा व्यक्ति रहता था। ( Moral story for childrens in Hindi ) वह दुनिया के सबसे दुर्भाग्यशाली लोगों में से एक था। पूरा गाँव उससे थक गया था, वह हमेशा उदास रहा करता था, उसे हर किसीसे कोई न कोई सिकायत ही रहती थी और हमेशा ख़राब मूड में ही रहता था। ( Hindi Short Story )

जैसे जैसे समय बिताता जा रहता था, वह उतना ही अधिक उदास होता जा रहा था और उतने ही क्रूर उसके शब्द भी हो गए थे। ( Short Stories with moral for childrens ) लोग हमेसा उससे बचना चाहते थे। उसके पास जाने से बचते थे, क्योंकि उसका स्वभाव धीरे धीरे और बिगरता जा रहा था। उसके बगल में खुश होना लोगों को अपमानजनक लगता था। 
  
दरअसल उसकी इस स्वाभाव के पीछे की वजह ये थी की वो हमेशा चाहता था की वो अपने जिंदगी में हमेशा खुश रहे। ( Moral Story for childrens in hindi ) वो अपनी पूरी जिंदगी इसी आस में बिता रहा था की वो अपने जीवन में खुश रहे। वो जिंदगी जीने के पीछे नही बल्कि खुश होने के पीछे भागता था।


इसी तरह उसकी जिंदगी बिताते रही और देखते ही देखते वो अस्सी साल का हो गया। तभी अचानक एक दिन एक अद्भुत बात हुई। तुरंत हर कोई अफवाह सुनने लगा की वह बूढ़ा आदमी आज बहुत खुश है, वह किसी भी चीज के बारे में किसीसे कोई शिकायत नहीं कर रहा है, मुस्कुरा रहा है, और यहां तक ​​कि उसका चेहरे से अलग ही चमक झलक रही है । " ( Motivational Story in Hindi for children )

यह बात सुन कर पूरा गाँव इकट्ठा हो गया। और सभी उस बूढ़े आदमी के पास गये और पूछा की आज आपको क्या हुआ है आज आप बदले बदले से लग रहे है। तो इसपर पुढे आदमी ने जवाब दिया,"कुछ खास नहीं। अस्सी साल मैं खुशी का पीछा कर रहा था, और यह बेकार था। ( New Kahaniyan ) और फिर मैंने खुशी के बिना जीने का फैसला किया और बस जीवन का आनंद लिया। इसलिए अब मैं खुश हूं।“

Moral story for childrens in Hindi


बूढ़े आदमी की ये बात सुन कर वहा उपस्थित सभी लोग आश्चर्यचकित रह गए। और वो अपने जीवन एक महत्वपूर्ण सीख सीख गये। 

आइये जानते है की गाँव वालों को इससे क्या सीख मिली।





सीख:-

इस से गाँव वालों ने ये सबक सीखा की हमें अपनी जिंदगी में खुशियों के पीछे नही भागना चाहिए, बल्कि हमे पूरी जिन्दादिली के साथ जिंदगी जीना चाहिए। अपनी जिंदगी के हर एक पल का पूरा आनंद लेना चाहिए। खुशी का पीछा मत करो। जीवन का आनंद लो।

Moral of this Hindi Short Story:-

From this, the villagers learned this lesson that we should not run after the happiness in our life, but we should live life with full vigor. You should enjoy every single moment of your life. Do not chase happiness. Enjoy the life. 

 
Thank you so much for reading this moral story for children in Hindi. I hope you enjoyed this moral story for childrens in Hindi in short and also learn a lesson from this short story in Hindi. Click below to read more:-
 

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